पटना: बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है और अब बिहार के बड़े जिलों में विकास कार्यों की गति को तेज किया जा रहा है। इस कड़ी में, बिहार के सिल्क सिटी भागलपुर की सूरत बदलने की योजना को लेकर सरकार ने जोर-शोर से काम करना शुरू कर दिया है। नोएडा की एक कंपनी को इस विकास कार्य के लिए सर्वे का जिम्मा सौंपा गया है, और सर्वे के बाद मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
भागलपुर के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार होगा
भागलपुर को चार जोन में बांटकर शहर के विकास की रूप रेखा तैयार की जा रही है। इसके लिए नोएडा की कंपनी ने सर्वे का काम शुरू कर दिया है, जो सात चरणों में चल रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल अप्रैल तक भागलपुर के विकास का मास्टर प्लान तैयार हो जाए। सर्वे के बाद, इस मास्टर प्लान के आधार पर शहर का विस्तार किया जाएगा और इसका नया रूप सामने आएगा।
सर्वे के बाद सार्वजनिक किया जाएगा मास्टर प्लान
मास्टर प्लान के ड्राफ्ट में यह तय किया जाएगा कि शहर के कौन से इलाके आवासीय होंगे और कौन से औद्योगिक। 40 प्रमुख प्वाइंट्स पर आयोद्धन क्षेत्र और निगम क्षेत्र का आकलन किया जा रहा है। इसके बाद शहर को चार जोनों में बांटा जाएगा, और फिर उन जोनों को सेक्टर में विभाजित किया जाएगा। सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद, आम जनता से सुझाव मांगे जाएंगे ताकि शहर के विकास में सभी की राय को शामिल किया जा सके।
262 गांवों का मास्टर प्लान भी तैयार किया जाएगा
इस विकास कार्य में भागलपुर शहर के विस्तार के साथ-साथ उन गांवों को भी शहर के मानकों के अनुसार सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, जो अब शहरी क्षेत्र में शामिल हो गए हैं। इसके लिए 262 गांवों का मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें जगदीशपुर, सबौर, नाथनगर, गोराडीह अंचल से जुड़े राजस्व गांव शामिल हैं।
अप्रैल तक सर्वे पूरा करने का लक्ष्य
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने पहले ही अप्रैल तक सर्वे का काम पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था। इस योजना के सफल कार्यान्वयन के बाद, भागलपुर के विकास से न केवल शहर की सूरत बदलेगी, बल्कि आसपास के गांवों में भी शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा।